Reflective and Refractive Rays of Random Thoughts
उदासी का मंजर गर हो सामने
रंजो गम का समा हो
गम को मुस्तकिल न बनाओ
सामने जिन्दगी खडी है
ये गम ये आंसू भी बदल जायेंगे
जो खुशी के माहौल मे रम जायेंगे
होंठो पर मुस्कराहट लाना सीखो
हर हाल मे खुश रहना सीखो
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